आई महाशिवरात्री

–सिमा चौधरी
जनकपुरधाम, १७ फागुन । हिन्दु धर्माबलम्बीसभक प्रमुख पावनीसभमेसँ एक रहल महाशिवरात्री आई बाबा भोलेनाथके पूजापाठ आ उपास कऽ मनाओल जारहल अछि ।
प्रात स्नान कऽ बाबा भोलेनाथके फूल, बेलपत्र, भाङ्ग, धतुर, गाईक दुध, गङ्गाजल सहित सामग्री लऽ उपास केनिहारसभ पूजापाठ करहल छथि । जनकपुरधामक शिवचौकस्थित शिवमन्दिर, कुवाके कुपेश्वरनाथ, कपिलेश्वरके कपिलेश्वर नाथ, जलेश्वरक जलेश्वरनाथ, महेन्द्रनगरके क्षीरेश्वरनाथ, टुटेश्वरनाथ सहित राजधानी काठमाडौंस्थित पशुपतिनाथ आ भारतक झारखण्डस्थित वैद्यनाथधाम सहितक शिवालयसभमे ब्रतालुसभ भोरेसँ पूजापाठ करहल छथि ।
कहल जाईत छैक जे आजुक दिन व्रत कएलासँ मनोवान्छित वर प्राप्त होयवाक, दीर्घ सौभाग्य, सन्तान प्राप्ति, सुख शान्ति आ समृद्धि प्राप्त होइत अछि ।
शिवरात्री आ महाशिवरात्रिमे फरक
शिवरात्री अर्थात कृष्णपक्षक चतुर्दशी सालमे बारहटा परैत अछि आ महाशिवरात्रि फागुन महिनाक कृष्णपक्षक चतुर्दशीके कहल जाइत अछि ।
फागुन मासक कृष्णपक्षक चतुर्दशीक शिवरात्रि किया विशेष
पौराणिक कथा अनुसार भगवान शिव, शिवलिङ्गके रुपमे अजुके दिन प्रकट भेल छथि । जिनका ब्रम्हा, बिष्णु संयुक्त रुपमे पुजा कएने छलथि, तैं आजुक दिन शिवलिङ्गके पूजा तथा दर्शन करबाक चाहि ।
तहिना, दोसर कथा अनुसार बाबा भोलेनाथ आ मैया पार्वतीके आजुक दिन विवाह भेल छलथि । तेसर कथा अनुसार, भगवान शिवद्वारा विष पिबकऽ संसारके रक्षा कएने उपलक्ष्यमे आजुक दिन महाशिवरात्रि मनाओल जाइत अछि । जखन देवतालोकनि आ राक्षश बीच अमृतक लेल युद्व चलिरहल छल, ताहि समय सागरसँ अमृतसँ कालकुट नामक विष निकलल छल । जाहिके बाबा भोलेनाथ पिबकऽ नीलकण्ठ रूपमे अवतरित भेल छलथि ।
कालरात्रि, मोहरात्रि, सुखरात्रि आ शिवरात्रि नामक चारि प्रमुखरात्रि सभमेसँ एक रहल शिवरात्रिदिन निष्ठापूर्वक पूजापाठ कएलासँ भोग आ मोक्ष दुनुके प्राप्ति होयबाक जनविश्वास अछि ।
आजुक दिन मिथिलामे तिन प्रकारसँ व्रतालुसभ उपास करैत छथि । दिनभरि उपास कऽ रात्रि समय शुद्ध भोजन जे करैत छथि, ओइके चतुर्दशी कहल जाइत अछि ।
तहिना, दिनभरि निर्जल उपास कऽ एक साँझ फलहार जे करैत छथि ओहिके शिवरात्री कहल जाइत अछि । दिनभरि निर्जल रहि रातिमे जागरण कऽ भजन किर्तन करैत प्रात जे करैत छथि ओहिके महाशिवरात्रि कहल जाइत अछि ।
एम्हर महाशिवरात्रि समापनसँग मिथिलाक महाकुम्भ मानल जाएबला मिथिला माध्यमिकी परिक्रमा, याह १९ गते अर्थात अमावश्या तिथिके आरम्भ होयत ।
शिवरात्रिक उमंगसँग, मिथिला माध्यमिक परिक्रमाके उत्साह जनकपुरधाममे विशेष रुपसँ अखन देखल जारहल अछि ।
अन्तमे सम्पूर्ण मिथिलवासिमे शिवरात्रिक मंगलमय शुभकामना व्यक्त करैत छि ।

